जहां महिला निर्देशकों के साथ अक्सर भेदभाव होता है, वही आज चीजे बदल गई है : पाखी टायरवाला

सिक्किमी फिल्म 'पहुना : द लिटिल विजिटर्स' की निर्देशक पाखी टायरवाला का कहना है कि उन्हें इस सफर में कई अड़चनों का सामना करना पड़ा क्योंकि कुछ साल पहले लोग महिला निर्देशकों को गंभीरता से नहीं लेते थे।

जहां महिला निर्देशकों के साथ अक्सर भेदभाव होता है, वही आज चीजे बदल गई है : पाखी टायरवाला
पाखी टायरवाला

सिक्किमी फिल्म 'पहुना : द लिटिल विजिटर्स' की निर्देशक पाखी टायरवाला का कहना है कि उन्हें इस सफर में कई अड़चनों का सामना करना पड़ा क्योंकि कुछ साल पहले लोग महिला निर्देशकों को गंभीरता से नहीं लेते थे।
 

पाखी ने बताया, "'पहुना..' एक व्यावसायिक फिल्म नहीं है। कई लोगों ने मुझसे सवाल किया कि मैं हिंदी भाषा में फिल्म क्यों नहीं बना रही हूं और फिर सार्वजनिक तौर पर चर्चा होने लगी कि मैं एक महिला निर्देशक हूं।"
 

उन्होंने कहा, "तीन साल पहले, चीजें अलग थीं। ज्यादा महिला निर्देशक नहीं थीं। हमारे (महिला निर्देशकों) साथ कई तरह से भेदभाव किया गया, लेकिन अब चीजें बदल गई हैं। कई महिला फिल्मकार अब सामने आ रही हैं और उन्हें फिल्म उद्योग में समान प्रतिनिधित्व मिलना शुरू हो गया है। लेकिन हम अभी भी कई मुद्दों का सामना कर रहे हैं। मेहनताने में अंतर का मुद्दा अभी भी बना हुआ है।"

प्रियंका चोपड़ा जोनस और उनकी मां मधु चोपड़ा के पर्पल पेबल पिक्चर्स बैनर द्वारा निर्मित और चिल्ड्रन फिल्म्स सोसाइटी, इंडिया (सीएफसीआई) द्वारा सह-निर्मित 'पहुना..' 2017 में टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रीमियर के बाद पिछले साल भारत में रिलीज हुई थी। 


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